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Varn kitne Prakar ke hote hain | Varn Kise Kahate Hain

आज के इस लेख में हम आपके साथ varn kise kahate hain और वर्ण के भेद क्या होता है इसके बारे में संपूर्ण जानकारी शेयर करने जा रहे है तो यदि आप इससे जुड़ी जानकारी जानना चाहते है तो यह पोस्ट आपके लिए है। 

हम सभी लोग बचपन से पढ़ाई लिखाई शुरू करते है ताकि जिंदगी में हम कुछ बड़ा कर सके या फिर कोई बड़ा मुकाम हासिल कर सके। जैसे कि हम सभी लोग जब अपने स्कूल की शिक्षा पूरी कर रहे होते है तो हमें उस शिक्षा के दौरान काफी सारे विषयो के बारे में ज्ञान मिलता है। 

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और यह ज्ञान काफी आवश्यक है, परंतु आज हम बाकी विषयो के बारे में बात नही करेंगे क्योंकि बाकी विषयो की पढ़ाई लिखाई में हम यह बात भूल जाते है कि हमारे ज़िन्दगी में व्याकरण कितना जरूरी है।

बहुत से लोग ऐसे है जो व्याकरण के तरफ ध्यान ही नही देते है जिसके कारण उन्हें आगे चलकर काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है तो इसी कारण आज हम यहां पर व्याकरण की बात करेंगे। 

यदि आपको नही पता कि वर्ण, स्वर और व्यंजन के भेद क्या है तो कोई बात नही क्योंकि हम आपको इसके बारे में पूरी जानकारी देंगे ताकि आपको व्याकरण के बारे में ज्यादा से ज्यादा जानकारी प्राप्त हो सके। 

तो चलिए सबसे पहले हम वर्ण क्या है जानते है। 

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Varn Kise Kahate Hain

वर्ण किसे कहते है ?

बहुत से लोग ऐसे है जिन्हें नही पता कि वर्ण किसे कहते है या फिर वर्ण की परिभाषा क्या होती है। 

वर्ण की परिभाषा यह है कि वर्ण उस ध्वनि को कहते है जिसके कभी टुकड़े या खंड नही हो सकते, इसमे भी दो ध्वनियां होती है जो कि वायु ध्वनि और लिखित ध्वनि के नाम से जानी जाती है। 

जैसे कि उच्चारित ध्वनि को वायु ध्वनि कहा जाता है जबकि लिखित ध्वनि संकेतो को वर्ण कहा जाता है जैसे कि हम यहां पर वर्ण की बात कर रहे है तो आपको सिर्फ इतना ध्यान में रखना है कि लिखित ध्वनि संकेतो को देवनागरी लिपि के अनुसार ही वर्ण कहा जाता है। 

तो अब आप यह जान चुके है कि वर्ण किसे कहते है चलिए जानते है इसके भेद कौन कौन से है। 

वर्ण के भेद क्या है ?

जब वर्ण के भेद की बात आती है तब वर्ण के दो मुख्य भेदों की बात की जाती है जिसमे एक स्वर और दूसरा व्यंजन होता है तो चलिए नीचे हम पहले स्वर भेद की के बारे में जानते है ताकि आपको पता चल सके कि स्वर भेद क्या होता है।

स्वर भेद क्या होता है ?

स्वर भेद यह नाम सुनकर ही कई लोगो को ऐसा लगता होगा कि इसकी व्याख्या काफी मुश्किल होगी, परंतु ऐसा नही है। चलिए हम आपको आसान भाषा मे समझाते है कि स्वर भेद क्या होता है। 

स्वर भेद एक ऐसा वर्ण भेद है जिनके उच्चारण करने के लिए किसी भी दूसरे वर्णों की आपको मदद लेने की जरूरत नही पड़ती है। यह अपने आप मे ही एक संपूर्ण वर्ण भेद है आपको यह बात जानकर हैरानी होगी कि हिंदी वर्णमाला के अनुसार स्वर की संख्या 13 यह है और साथ ही उसके तीन मुख्यत स्वर है जिसमे हस्व स्वर, दीर्घ स्वर और प्लुत स्वर आते है।

  1. हस्व स्वर
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हस्व स्वर एक ऐसा स्वर है जिसका जब भी आप उच्चारण करते है तब आपको उच्चारण करते समय बहुत कम समय लगता और यह स्वर जल्द ही बाहर आ जाता है। जैसे कि अ ,इ ,उ यह स्वर है।

  1. दीर्घ स्वर

जैसे कि इसके नाम से ही पता चलता है कि यह एक दीर्घ स्वर होगा। इस स्वर में आपको उच्चारण करते समय हस्व स्वर से दोगुना समय लग जाता है या फिर उससे भी ज्यादा समय लग सकता है, यह एक ऐसा स्वर है जो जल्दी बाहर नही आता है जैसे कि आ , ई ,ऊ ,ऋ ,लृ ,ए ,ऐ ,ओ ,औ यह स्वर है। 

  1. प्लुत स्वर 

प्लुत स्वर को ऊपर दिए गए दोनो स्वरों से भी बढ़ा माना गया है, क्योंकि इस स्वर के उच्चारण के वक़्त हस्व स्वर और दीर्घ स्वर से भी ज्यादा समय लग जाता है खासतौर पर यह स्वर तीन अंको का होता है जैसे कि ओहम स्वर है। 

ऊपर हमने आपको स्वरों के भेदों के बारे में जानकारी दी है तो चलिए अब हम व्यंजन के भेदों के बारे में जानते है। 

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व्यंजन भेद क्या होता है ?

यदि हम व्यंजन भेद की बात करे तो यह स्वर भेद से पूरी तरह से अलग है क्योंकि व्यंजन भेद में वर्णों के उच्चारण में हमे स्वरों की सहायता लेनी पड़ती है और इसे ही व्यंजन भेद कहा जाता है। इस व्यंजन भेद में भी तीन प्रकार के भेद होते है जो कि स्पर्श व्यंजन, अन्तःस्थ व्यंजन, उष्म व्यंजन और उत्क्षिप्त व्यंजन है। 

चलिए हम इन सभी व्यंजनो के बारे में आपको नीचे थोड़ा विस्तार से बताते है। 

  1. स्पर्श व्यंजन

स्पर्श व्यंजन में जितने भी क से लेकर म तक वर्ण आते है उसे ही स्पर्श व्यंजन कहा जाता है। इसमे भी महत्त्वपूर्ण बात यह है कि इसमे पांच वर्ग विभाजित किये गए है जो कि हम आपको नीचे बताने वाले है ताकि आपको भी पता रहे। 

  1. क वर्ग – क , ख , ग , घ , ङ
  2. च वर्ग – च , छ , ज , झ , ञ
  3. ट वर्ग – ट , ठ ,ड़ ,ढ ण
  4. त वर्ग – त ,थ , द , ध ,न
  5. प वर्ग – प , फ ,ब ,भ ,म

    2. अन्तःस्थ व्यंजन

यदि हम अन्तःस्थ व्यंजन की बात करे तो यह चार संख्यावो में होता है जो कि य ,र ,ल ,व् यह होती है और इसकी खास बात यह है कि यह स्वर एवं व्यंजन के बीच मे होता है। 

    3. ऊष्म व्यंजन

यदि हम ऊष्म व्यंजन की बात करे तो यह भी चार संख्यावो में होती है जो कि श , ष ,स ,ह यह होती है और इस व्यंजन की खास बात यह है कि जब आप इसका उच्चारण करते है तब आपके मुंह से जोरसे सांस बाहर निकलती है। 

   4. उत्क्षिप्त व्यंजन

उत्क्षिप्त व्यंजन यह सबसे आखरी वाला व्यंजन है जिसमे ड़ ,ढ यह व्यंजन आते है। इस व्यंजन का जब आप उच्चारण करते है तब आपकी जीभ मुह के ऊपर के हिस्से की तरफ लगती है। 

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यदि आपको वर्ण के बारे में अच्छे से जानना है तो आप निचे दिए गए वीडियो को भी देख सकते हो इसमें आपको इसके बारे में सभी जानकारिया जानने को मिलेगी। 

Conclusion

इस लेख में हमने आपको व्यंजन किसे कहते है और वर्ण भेद किसे कहते है इसके बारे में विस्तार से जानकारी दी है और साथ मे ही आपको सभी व्यंजन के बारे में भी बता दिया है, हम आशा करते है कि आज का यह लेख आपको पसंद आया होगा। 

यदि इस पोस्ट से जुड़े प्रश्न हो तो कमेंट जरूर करे और यदि आपको आज का यह लेख पसंद आया हो तो आप इसे अपने दोस्तों के साथ और सोशल मीडिया साइट पर जरूर शेयर करे।  

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