पर्यायवाची शब्द किसे कहते हैं? | Paryayvachi shabd kise kahate hain?

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आज के दौर में हम सभी जानते हैं कि सभी के लिए हिंदी जानना कितना महत्वपूर्ण हो गया है इसीलिए बहुत से लोगों पर्यायवाची को हिंदी तो आती है लेकिन हिंदी व्याकरण से संबंधित जानकारियां उनके पास नहीं होती है। 

इसीलिए आज के इस आर्टिकल में हम आपके साथ पर्यायवाची शब्द किसे कहते हैं (paryayvachi shabd kise kahate hain?) और उससे संबंधित सारी जानकारियों शेयर करने जा रहे है तो आइए बिना वक्त ज़ाया किए जानते है पूरी जानकारी। 

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Paryayvachi shabd kise kahate hain

पर्यायवाची शब्द किसे कहते हैं? (Paryayvachi shabd kise kahate hain?)

पर्यायवाची शब्द एक शब्द के समान अर्थ वाले दूसरे शब्द होते हैं। लेकिन पर्यायवाची शब्द का इस्तेमाल एक वाक्य में बड़ी ही सावधानी के साथ किया जाता है क्योंकि वह पर्यायवाची शब्द उस वाक्य में सही तरीके से बैठ रहा है कि नहीं यह भी जानना बहुत जरूरी है। 

जैसे कि यदि किसी वाक्य में “जल” का उपयोग किया गया है तो “जल” के बदले हम उसके जगह पर्यायवाची शब्द “नीर” का उपयोग नहीं कर सकते हैं इससे शब्द का अर्थ बदल सकता है। पर्यायवाची शब्द समानार्थक शब्द जरूर होते हैं लेकिन भाव में एक दूसरे से पूर्ण तरीके से विभिन्न होते हैं। उदाहरण के लिए- उजाला – प्रकाश, खून – रक्त इत्यादि।

पर्यायवाची शब्द की परिभाषा क्या है?

हिंदी व्याकरण के अनुसार जो शब्द अपने एक समान अर्थ के वजह से जब दूसरे शब्द का स्थान ग्रहण कर लेता है , उसे ही पर्यायवाची शब्द कहा जाता है। अर्थात हम यह कह सकते हैं कि किसी एक शब्द के लिए दूसरे शब्द को उपयोग में लाया जाता है। 

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किसी शब्द हेतु उसके जगह पर एक समान अर्थ वाले दूसरे शब्दों के प्रयोग को ही पर्यायवाची शब्द कहा जाता है। पर्याय शब्द का अर्थ “समान” होता है और वाची शब्द का अर्थ “बोले जाने वाले” होता है।

समानार्थी शब्दों के नाम से भी जाना जाता है यद्यपि इन शब्दों के अर्थ एक समान होते हैं, परंतु अलग अलग स्थान पर इनका प्रयोग करते समय अत्यंत ही सावधानी बरतने की आवश्यकता होती है।

Paryayvachi Shabd ke bhed kitne hain?

पर्यायवाची शब्द की परिभाषा जानने के बाद अब जानते हैं कि पर्यायवाची शब्द के कितने भेद होते हैं। बता दें कि पर्यायवाची शब्द दो प्रकार के होते हैं –

1. पूर्ण पर्यायवाची शब्द

2. आपूर्ण पर्यायवाची शब्द

  1. पूर्ण पर्यायवाची शब्द- 

हिंदी व्याकरण के अनुसार जब किसी वाक्य में किसी शब्द के स्थान पर उसके पर्यायवाची शब्द का उपयोग किया जाता है और उसके समझने के अर्थ में कोई परिवर्तन नहीं आता है तो उसे ही पूर्ण पर्यायवाची शब्द कहा जाता है।

  1. अपूर्ण पर्यायवाची शब्द –

हिंदी व्याकरण के अनुसार जब किसी वाक्य में दो पर्यायवाची शब्द का इस्तेमाल एक दूसरे शब्द के स्थान पर नहीं किया जा सकता है ऐसे शब्द को ही अपूर्ण पर्यायवाची शब्द कहा जाता है।

पर्यायवाची शब्द का उदाहरण क्या है?

आइए जानते हैं पर्यायवाची शब्द के उदाहरण –

  • अतिथि- मेहमान, अभ्यागत, आगन्तुक, पाहूना।
  • अमृत- सुरभोग सुधा, सोम, पीयूष, अमिय, जीवनोदक ।
  • अटल- अविचल, अडिग, स्थिर, अचल। 
  • अभिनंदन- स्वागत, सत्कार, आवभगत, अभिवादन।
  • आजीविका- व्यवसाय, रोजी-रोटी, वृत्ति, धअच्छा- बढ़िया, बेहतर, भला, चोखा, उत्तम।
  • अजनबी- अनजान, अपरिचित, नावाकिफ।
  • अजीब- अदभुत, अनोखा, विचित्र, विलक्षण।
  • अटल- अविचल, अडिग, स्थिर, अचल।
  • अड़ंगा- बाधा, रुकावट, विघ्न, व्यवधान।
  • अतीत- भूतकाल, विगत, गत, भूत।
  • अत्याचारी- जालिम, आततायी, नृशंस, बर्बर।
  • अदालत- कचहरी, न्यायालय, दंडालय।
  • अधीन- मातहत, आश्रित, पराश्रित, परवश, परतंत्र।
  • अधीर- आतुर, धैर्यहीन, व्यग्र, बेकरार, उतावला।
  • अध्ययन- पठन-पाठन, पढ़ना, पढ़ाई, पठन।
  • अनपढ़- निरक्षर, अशिक्षित, अपढ़।
  • अनमोल- अमूल्य, बहुमूल्य, बेशकीमती।
  • अनाज- अन्न, गल्ला, नाज, खाद्यान्न।
  • अनाड़ी- अकुशल, अनभिज्ञ, अपटु।
  • अनाथ- तीम, लावारिस, बेसहारा, अनाश्रित।
  • अनिवार्य- अत्यावश्यक, अपरिहार्य, अवश्यंभावी, परमावश्यक।
  • अनुज- छोटा भाई, अनुभ्राता, अवरज, कनिष्ठ।
  • अनुभवी- तजुर्बेकार, जानकार, अनुभवप्राप्त।
  • अनुमति- इजाजत, सहमति, स्वीकृति, अनुमोदन।
  • अनुरोध- विनय, विनती, आग्रह, प्रार्थना।
  • अनूठा- अदभुत, अनोखा, विलक्षण, अपूर्व।
  • अन्न- अनाज, गल्ला, नाज, दाना।
  • असत्य- झूठ, मिथ्या, मृषा, अवास्तविक, काल्पनिक, बनावटी, जाली, कृत्रिम, कृतक खोटा, असत।
  • असभ्य- गँवार, असंस्कृत, अशिष्ट, अभद्र, अविनीत, दुःशील, कुशील, अकुलीन, हीनाचार।
  • अहि- साँप, नाग, फणी, फणधर, सर्प।
  • अंजुमन- संघ, सभामण्डली, सभायोजन, संगठन।
  • अगल-बगल- आसपास, आजु-बाजू, निकट।
  • अगला- अग्र, अग्रवर्ती, सामने का, पहले वाला, आगे आने वाला, पहला, प्रथम।
  • अगस्त्य- शिव, तीर्थ, दक्षिण का एक प्रसिद्ध तीर्थ, एक ऋषि का नाम, वृक्ष।
  • अगाध- अथाह, गहरा, अज्ञेय, दुर्बोध, अपार, असीम, बहुत।
  • अँटसँट- अंडबंड, अव्यवस्थित, अनावश्यक, अनुपयुक्त, ऊटपटांग।
  • अंड- अंडा, डिंबा, अंडकोश, फोता।
  • अंतःकरण- अंतर्मन, अंतरात्मा, हृदय, मन।
  • अँतड़ी- आँत, अंतड़ी, अन्त्र।
  • अंतःपुर- जनानखाना, रनिवास, हरमखाना, महल के भीतर स्त्रियों के रहने की जगह।
  • अंतर्गत- शामिल, सम्मिलित, भीतर आया हुआ गुप्त।
  • अंतर्दृष्टि- ज्ञानचक्षु, सूझ, आत्मचिन्तन।
  • अंतर्द्वद्व- मानसिक संघर्ष, दुविधा।
  • अंतर्धान- ओझल, गायब, लुप्त, अदृश्य।
  • अंतर्हित- अदृश्य, छिपा हुआ, गायव, लुप्त, गुप्त, तिरोहित।
  • अंदेशा- सोच, चिन्ता, फिक्र, खटका, भय, खतरा, भास, सन्देह, आशंका, दुविधा, असमंजस, पसोपेश।
  • अंधकारमय- तमोमय, तमाच्छादित तिमिरावृत्त।
  • अँधेर- अँधेरखाता, धाँधली, अन्याय, बेइंसाफी, अशांति, विप्लव।
  • अंक- संख्या, नंबर, आँकड़ा, निशान, चिन्ह, छाप, गोद, अंकवार, आँक, दाग, धब्बा।
  • अंकन- अनुरेखन, प्रत्यंकन, अनुरेखण, रेखानुरेखण, अक्स बनाना, खाका बनाना, लेखन।
  • अँकाई- मूल्यांकन, अंदाजा, आँकने की क्रिया।
  • अँकुर- अँखुआ, आँख, कोंपल, कलिका, नोक, प्ररोह, कनखा, भराव, उपरोपिका, किसलय, नवपल्लव।
  • अंगज- बेटा, लड़का, सुत, सुवन, आत्मज, तनुज, तनय, नन्दन, लाल, पुत्र, रोम, केश, बाल।
  • अंगजा- बेटी लड़की, सुता, आत्मजा, तनुजा, तनया, नंदिनी, दुहिता, पुत्री।
  • अपराधी- गुनहगार, कसूरवार, मुलजिम।
  • अपवित्र- अशुद्ध, नापाक, अस्वच्छ, दूषित।
  • अफवाह- गप्प, किंवदंती, जनश्रुति, जनप्रवाद। 
  • अंशु- रश्मि, किरण, मयूख, मरीचि।
  • अंकुश- नियंत्रण, पाबंदी, रोक।
  • आक्रोश- क्रोध, रोष, कोप, रिष, खीझ। 
  • असुर – दैत्य, दानव, राक्षस, निशाचर, दनुज, रात्रिचर।
  • अंग- अंश, अवयव, हिस्सा, भाग।
  • अमृत- सुधा, सोम, पीयूष, अमिय, जीवनोदक।
  • अर्थ- हय, तुरंग, वाजि, घोड़ा, घोटक।
  • अहंकार- दंभ, अभिमान, दर्प, मद, घमंड।
  • अतिथि – मेहमान, अभ्यागत, आगन्तुक।
  • आयुष्मान- दीर्घायु, दीर्घजीवी, चिरंजीवी, चिरायु। 
  • ईश्वर – परमात्मा , परमेश्वर , प्रभु , भगवान।
  • ईख- गन्ना, ऊख, इक्षु। 
  • ईप्सा- इच्छा, ख्वाहिश, कामना, अभिलाषा। 
  • इन्द्राणि- इन्द्रवधू, मधवानी, शची, शतावरी।
  • इजाजत- स्वीकृति, मंजूरी, अनुमति। 
  • ईर्ष्या- विद्वेष, जलन, कुढ़न, ढाह।
  • इल्ज़ाम- आरोप, लांछन, दोषारोपण, अभियोग।
  • इंतकाल- देहांत, निधन, मृत्यु, अंतकाल। 
  • उचित – मुनासिब, वाज़िब,युक्तिसंगत, न्यायसंगत।
  • उजाड़ – जंगल, बियावान, वन।
  • उजाला – प्रकाश, रोशनी, चाँदनी।
  • उत्कोच – घूस, रिश्वत।
  • उत्पत्ति – उद्गम, जन्म, उद्भव, आविर्भाव, उदय।
  • उद्धार – मुक्ति, छुटकारा, निस्तार।
  • उपाय – युक्ति, तरकीब, तदबीर, यत्न।
  • ऊधम – उपद्रव, उत्पात, हुल्लड़, हुड़दंग, धमाचौकड़ी।
  • ऐश्वर्य – समृद्धि, विभूति।
  • ओंठ– ओष्ठ, अधर, होंठ।
  • ओज- तेज, शक्ति, बल, चमक, कांति, दीप्ति, वीर्य।
  • ओजस्वी- बलवान, बलशाली, बलिष्ठ, पराक्रमी, जोरावर, ताकतवर, शक्तिशाली, शक्तिमान, जोरदार, सशक्त, सबल, वीर्यवान, कांतिवान, दीप्तिमान, तेजस्वी।
  • ओंठ- ओष्ठ, अधर, लब, रदनच्छद, होठ।
  • ओला- हिमगुलिका, उपल, करका, बिनौरी, तुहिन, जलमूर्तिका, हिमोपल।
  • ओस- नीहार, तुषार, तुहिन, निशाजल, शीत, शबनम, कण।
  • ओहार- आवरण, परदा, आच्छादन।
  • ओंकार- प्रणव, बीज-मंत्र, वेदमाता, ओउम।
  • ओखली- उलूखल, ऊखल।
  • औरत – स्त्री, जोरू, घरवाली।
  • किसान – कृषक, भूमिपुत्र, हलधर, खेतिहर, अन्नदाता।
  • किस्मत- होनी, विधि, नियति, भाग्य।
  • कच- बाल, केश, कुन्तल, चिकुर, अलक, रोम, शिरोरूह।
  • कबूतर- कपोत, रक्तलोचन, पारावत, कलरव, हारिल।
  • कण्ठ- ग्रीवा, गर्दन, गला, शिरोधरा।
  • कृपा- प्रसाद, करुणा, अनुकम्पा, दया, अनुग्रह।
  • किताब- पोथी, ग्रन्थ, पुस्तक।
  • किनारा- तीर, कूल, कगार, तट।
  • किसान- कृषक, भूमिपुत्र, हलधर, खेतिहर, अन्नदाता।
  • कृष्ण- राधापति, घनश्याम, वासुदेव, माधव, मोहन, केशव, गोविन्द।
  • कद्र- मान, सम्मान, इज्जत, प्रतिष्ठा।
  • कमजोर- निर्बल, बलहीन, दुर्बल, मरियल, शक्तिहीन।
  • कमला- लक्ष्मी, महालक्ष्मी, श्री, हरप्रिया।
  • कर्ज- उधार, ऋण, कर्जा, उधारी, कुसीद।
  • कलानाथ- चंद्रमा, कलाधर, सुधाकर, सोम, सुधांशु, हिमांशु, तारापति।
  • कल्याण- भलाई, परहित, उपकार, भला।
  • कष्ट- तकलीफ, पीड़ा, वेदना, दुःख।
  • काग- कौआ, कागा, काक, वायस।
  • कातिल- खूनी, हत्यारा, घातक।
  • कामधेनु- सुरभि, सुरसुरभि, सुरधेनु।
  • कायर- कापुरुष, डरपोक, बुजदिल।
  • काल- समय, वक्त, वेला।
  • कालकूट- जहर, विष, गरल, हलाहल।
  • काला- श्याम, कृष्ण, कलूटा, साँवला, स्याह।
  • ऋषि – मुनि, साधु, यति, संन्यासी, तेजस्वी।
  • कबूतर – कपोत, रक्तलोचन, पारावत।
  • कपड़ा – चीर, वसन, पट, वस्त्र, परिधान।
  • खल – दुर्जन, दुष्ट, घूर्त, कुटिल।
  • खून – रक्त, लहू, शोणित, रखाना- भोज्य सामग्री, खाद्यय वस्तु, आहार, भोजन।
  • खग- पक्षी, द्विज, विहग, नभचर, अण्डज, शकुनि, पखेरू।
  • खंभा- स्तूप, स्तम्भ, खंभ।
  • खंड- अंश, भाग, हिस्सा, टुकड़ा।
  • खटमल- मत्कुण, खटकीट, खटकीड़ा।
  • खद्योत- जुगनू, सोनकिरवा, पटबिजना, भगजोगिनी।
  • खर- गधा, गर्दभ, खोता, रासभ, वैशाखनंदन।
  • खरगोश- शशक, शशा, खरहा।
  • खल- दुष्ट, बदमाश, दुर्जन, गुंडा।
  • खलक- दुनिया, जगत, जग, विश्व, जहान।
  • खादिम- नौकर, चाकर, भृत्य, अनुचर।
  • खाविंद- पति, मियाँ, भर्तार, बालम, साजन, सैयाँ।
  • खिल्ली- मखौल, ठिठोली, उपहास।
  • खुदगर्ज- स्वार्थी, मतलबी, स्वार्थपरायण।
  • खुदा- राम, रहीम, रहमान, अल्लाह, परवरदिगार।
  • खग – पक्षी, विहग, नभचर, पखेरू।
  • गुरु – शिक्षक, आचार्य, उपाध्याय ।
  • गणेश – विनायक, गजानन, गणपति, लम्बोदर, एकदन्त।
  • गाय – गौ, धेनु, भद्रा, सुरभि।
  • गज – हाथी, हस्ती, मतंग, मदकल ।
  • गृह – घर, सदन, धाम, निकेतन, निवास, आवास।
  • गंगा – देवनदी, मंदाकिनी, भगीरथी, देवनदी, जाह्नवी।
  • घट – घड़ा, कलश, कुम्भ, निप।
  • घृत – घी, अमृत, नवनीत। 
  • घास – तृण, दूर्वा, दूब, कुश।
  • चतुर – निपुण, कुशल, दक्ष, प्रवीण, योग्य।
  • चंद्रमा – चाँद, चन्द्र, शशि, रजनीश, सोम।
  • चरण – पद, पग, पाँव, पैर, पाद।
  • चाँदी – रजत, सौध, रूपा, रूपक, चन्द्रहास।
  • छैला – सजीला, बाँका, शौकीन।
  • छवि – शोभा, सौंदर्य, कान्ति, प्रभा।
  • छानबीन – जाँच, पूछताछ, खोज, अन्वेषण।
  • जल – सलिल, वारि, नीर, तोय, अम्बु, पानी।
  • जीभ – रसज्ञा, जिह्वा, वाणी, वाचा, जबान।
  • जंगल – कानन, वन, अरण्य, बीहड़, विटप।
  • तरुवर – वृक्ष, पेड़, द्रुम, तरु, पादप।
  • जीभ – रसज्ञा, जिह्वा, वाणी, वाचा, जबान।
  • जंगल – कानन, वन, अरण्य, बीहड़, विटप।
  • तरुवर – वृक्ष, पेड़, द्रुम, तरु, पादप।
  • तलवार – असि, कृपाण, करवाल।
  • तीर – शर, बाण, अनी, सायक।
  • तालाब – सरोवर, जलाशय, पुष्कर, पोखरा, तड़ाग।
  • दरिद्र – निर्धन, ग़रीब, रंक, कंगाल, दीन।
  • दुःख – पीड़ा,कष्ट, व्यथा, वेदना, संताप, शोक, खेद, पीर।
  • दास – सेवक, नौकर, चाकर, अनुचर, भृत्य।
  • पुत्री – बेटी, आत्मजा, सुता, तनूजा, तनया।
  • पत्नी – भार्या, अर्धांगिनी, सहधर्मिणी, वनिता, वामांगिनी।
  • पुष्प – फूल, सुमन, कुसुम, मंजरी, प्रसून।
  • बन्दर – वानर, कपि, हरि।
  • बगीचा – वाटिका, उपवन, उद्यान, फुलवारी, बगिया।
  • बाल – कच, केश, चिकुर, चूल।
  • बलदेव – बलराम, बलभद्र, हलायुध, रोहिणेय।
  • बगीचा – वाटिका, उपवन, उद्यान, फुलवारी, बगिया।
  • बाल – कच, केश, चिकुर, चूल।
  • बलदेव – बलराम, बलभद्र, हलायुध, रोहिणेय।
  • ब्राह्मण – द्विज, भूदेव, विप्र, महीदेव, भूमिदेव।
  • भाई – तात, अनुज, अग्रज, भ्राता, भ्रातृ।
  • भूषण – जेवर, गहना, आभूषण, अलंकार।
  • मनुष्य – नर, मानव, मानुष, मनुज।
  • मृग – हिरण, सारंग, कृष्णसार।
  • मछली – मीन, मत्स्य, जलजीवन, शफरी, मकर।
  • मित्र – सखा, सहचर, साथी, दोस्त।
  • यमुना – कालिन्दी, सूर्यसुता, रवितनया, तरणि-तनूजा।
  • यम – सूर्यपुत्र, जीवितेश, अन्तक, दण्डधर, कीनाश।
  • रात्रि – निशा, रैन, यामिनी, शर्वरी, विभावरी।
  • रावण – दशानन, लंकेश, लंकापति, दशकंधर।
  • लड़का – बालक, सुत, किशोर, कुमार।
  • लड़की – बालिका, सुता, किशोरी,कुमारी, बाला, कन्या।
  • लक्ष्मण – लखन, शेषावतार, सौमित्र, रामानुज।
  • वायु – हवा, पवन, समीर, अनिल, मारुत।
  • विष – ज़हर, हलाहल, गरल, कालकूट।
  • विद्युत – चपला, चंचला, दामिनी, तड़ित, क्षणप्रभा।
  • बारिश – वृष्टि, वर्षा, पावस, बरसात।
  • शहद – पुष्परस, मधु, रस, मकरन्द।
  • षंड – हीजड़ा, नपुंसक, नामर्द।
  • साँप – अहि, भुजंग, सर्प, विषधर, उरग।
  • सूर्य – दिनकर, आदित्य, दिनेश, भास्कर, भानु।
  • सभा – अधिवेशन, संगीति, परिषद, बैठक, महासभा।
  • सोना – स्वर्ण, कंचन, कनक, कुंदन।
  • समुद्र – सागर, नदीश, जलधि, रत्नाकर, वारिधि।
  • समीप – सन्निकट, आसन्न, निकट, पास।
  • समीप – सन्निकट, आसन्न, निकट, पास।
  • सरस्वती – गिरा, शारदा, भारती, वीणापाणि, विमला।
  • सहेली – अली, सखी, सहचरी, सजनी, सैरन्ध्री।
  • हिमांशु – हिमकर, निशाकर, चन्द्रमा, चन्द्र।
  • हंस – मराल, सिपपक्ष, मानसौक।
  • हाथी – हस्ती, कुंजर, कूम्भा, मतंग, गज, द्विप।
  • हस्त – हाथ, कर, पाणि, बाहु, भुजा।
  • हिमालय – हिमगिरी, हिमाचल, गिरिराज, पर्वतराज।
  • हिरन– कुरग, मृग, सारंग, हिरण

Conclusion

दोस्तों ! हम आशा करते हैं कि हिंदी व्याकरण में पर्यायवाची शब्द किसे कहते हैं? (Paryayvachi shabd kise kahate hain?), पर्यायवाची शब्द का उदाहरण क्या है? और पर्यायवाची शब्द के भेद कितने हैं? आदि की सारी जानकारी आपको आज के इस आर्टिकल में मिल गई होगी। 

यदि आज का यह आर्टिकल आपको उपयोगी लगा हो तो इसे अपने दोस्तों के साथ शेयर करें ताकि उन्हें भी इसकी अच्छी जानकारी हो सके और यदि आज के इस आर्टिकल से संबंधित आपके मन में कोई भी प्रश्न हो या फिर आपके पास कोई भी जानकारी हो तो नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं।

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