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[परिभाषा, भेद और उदाहरण] kriya visheshan kise kahate hain?

आज के इस पोस्ट में हम क्रिया विशेषण किसे कहते हैं एवं इससे जुड़े अन्य जानकारियों के बारे में जानने वाले है तो आप अगर kriya visheshan kise kahate hain के बारे में जानकारी ढूंढ रहे थे तो आप सही जगह आये हो। 

क्रिया विशेषण किसे कहते हैं (kriya visheshan kise kahate hain?)

हिंदी की भाषा एकमात्र ऐसी भाषा है जिसमें व्याकरण और उसके प्रकार का बड़ा ही महत्व होता है। व्याकरण को जाने समझे बिना थोड़ी बहुत हिंदी बोल सकते हैं लेकिन बिना व्याकरण और उसके प्रकार के आपकी हिंदी भाषा में शुद्धता नहीं आती है जैसा कि हम सभी जानते हैं कि व्याकरण के कई प्रकार होते हैं और उन्हीं में क्रिया विशेषण भी एक है। 

यूं तो क्रिया विशेषण व्याकरण और भाषा में काफी महत्व रखता है लेकिन अगर आप क्रिया विशेषण के बारे में नहीं जानते हैं तो हमारा आज का यह आर्टिकल आपके लिए फायदेमंद हो सकता है लेकिन  क्रिया विशेषण को जानने से पहले हमें क्रिया, विशेषण और शब्दों के प्रकार को जाना ज्यादा जरूरी है। 

क्रिया :- किसी भी काम का होना या करना ही क्रिया कहलाता है।

विशेषण :- हिंदी की भाषा में वैसे शब्दों को विशेषण कहते हैं जो किसी भी शब्द यानी संज्ञा और सर्वनाम की विशेषता बता सके।

इसी तर्क के आधार पर हम यह कह सकते हैं कि क्रिया विशेषण वैसे शब्द होते हैं जो किसी भी क्रिया शब्द की विशेषता बता सके। 

क्रिया विशेषण शब्दों के कितने प्रकार होते हैं? 

जैसा कि हमने आपको बताया कि क्रिया विशेषण को समझने से पहले आपका शब्दों के प्रकार को जानना ज्यादा जरूरी है क्योंकि क्रिया विशेषण एक तरह का शब्द ही होता है। शब्दों के प्रकार निम्नलिखित हैं :-

अविकरी :- अविकारी शब्द ऐसे शब्द होते हैं जो वचन, लिंग या कारक की वजह से खुद में बदलाव ना करें या उसमें किसी तरह का विकार उत्पन्न ना हो। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि क्रिया विशेषण भी अविकारी शब्दों का ही एक प्रकार है जो किसी भी परिस्थिति में खुद को नहीं बदलता है।

विकारी :- विकारी शब्द ऐसे शब्द होते हैं जो वचन, लिंग या कारक की वजह से खुद में बदलाव कर लेते हैं। क्रिया के शब्द विकारी शब्दों में आते हैं। 

Kriya Visheshan ki paribhasha kya hai?

क्रिया विशेषण हिंदी व्याकरण का एक ऐसा प्रकार है जो किसी भी क्रिया शब्द की विशेषता बता सकता है। सीधे शब्दों में कहें तो क्रिया विशेषण ऐसे शब्द होते हैं जो क्रिया की विशेषता बताने का कम करते हैं।

उदाहरण :- हाथी धीरे चलता है। 

दिए गए इस वाक्य में चलना शब्द एक क्रिया है लेकिन यहां चलना क्रिया के पहले धीरे शब्द का इस्तेमाल किया गया है जो चलने की गति को दर्शाता है। दूसरे शब्दों में कहे तो यह धीरे शब्द हाथी की चलने की गति की विशेषता बता रहा है और इसका मतलब है कि धीरे एक क्रिया विशेषण शब्द है। 

वाक्यों में इस्तेमाल किए गए क्रिया विशेषण के कुछ उदाहरण निम्नलिखित हैं –

  • मैं कल नहीं आऊंगा। 
  • खरगोश तेज दौड़ता है। 
  • हाथी धीरे धीरे चलता है।
  • वह काम बोलता है।
  • मैं हर रोज पढ़ाई करती हूं।
  • तुम मुस्कुराते हुए काम करते हो।
  • उसे थोड़ा कम बोलना चाहिए।
  • उसे थोड़ा ज्यादा भागना चाहिए।
  • तुम कितना कम खाती हो।
  • मेरा कमरा ऊपर है।
  • यह बक्सा बहुत हल्का है।

Kriya visheshan ke kitne prakar hote hain?

क्रिया विशेषण के प्रकार को 3 तरीकों में बांटा गया है। यह सभी तरीके किसी मुख्य रुप पर आधारित हैं। क्रिया विशेषण के प्रकार और उनके भेद निम्नलिखित हैं – 

अर्थ के आधार पर क्रिया विशेषण के कितने प्रकार होते हैं? 

क्रिया विशेषण अर्थों के आधार पर चार भेदों में बांटा गया है जिसे निम्नलिखित विस्तार पूर्वक बताया गया है –

स्थान वाचक क्रिया विशेषण :- ऐसी क्रिया विशेषण शब्द या ऐसे अविकारी शब्द स्थान वाचक क्रिया विशेषण कहलाते हैं जो किसी भी क्रिया के स्थान के बारे में बताएं अर्थात जो शब्द क्रिया के होने की जगह का बोध करा सकते हैं, ऐसे शब्दों को हम स्थान वाचक क्रिया विशेषण कहते हैं।

उदाहरण :- 

  • हम छत पर दौड़ रहे हैं।
  • वह घर के अंदर खेलता है।
  • वह बाहर काम करता है।
  • निराली मैदान में कसरत करती है।
  • तुम उसके दाहिने और चलना।
  • तुम छत पर पढ़ते हो।

ऊपर लिखे गए वाक्य में घर के अंदर, बाहर, छत पर, मैदान में, दाहिनी ओर जैसे इस्तेमाल किए गए शब्द किसी भी काम के करने या होने की जगह के बारे में बता रहा है। इसका अर्थ है कि ऐसे शब्द जो किसी क्रिया के करने या होने की जगह या स्थान के बारे में बताएं तो वैसे शब्दों को ही स्थान वाचक क्रिया विशेषण कहते हैं। 

कालवाचक क्रिया विशेषण :- ऐसे अविकारी शब्द जो किसी भी काम की करने या होने के वक्त और समय का बोध कराएं, वैसे अविकारी शब्दों और क्रिया विशेषण शब्दों को ही कालवाचक क्रिया विशेषण कहते हैं।

उदाहरण :-  

  • राम कल दिल्ली जाएगा।
  • राजू शाम में पढ़ाई करता है।
  • आज सुबह बारिश हुई थी।
  • तुमने कल खाना नहीं खाया था।
  • वह हर रोज सुबह देर से उठती है। 

ऊपर लिखे गए वाक्यों में कल, शाम, सुबह, रोज जैसे शब्द किसी काम के होने या करने के समय की जानकारी दे रहा है और ऐसे शब्दों को देख कर हम उस काम के समय के बारे में पता कर सकते हैं इसलिए ऐसे अविकारी शब्द कालवाचक क्रिया विशेषण की सूची में आते हैं। 

परिमाणवाचक क्रिया विशेषण :- ऐसे शब्द जो किसी काम की मात्रा, संख्या या परिमाण के बारे में बताते हैं, वैसे शब्द परिमाणवाचक क्रिया विशेषण होते हैं।

उदाहरण :- 

  • सुमन बहुत ज्यादा बोलती है।
  • आयुष अपने भाई से कम खाता है।
  • तुम थोड़ा कम चला करो।

ऊपर लिखी गई थोड़ा कम, बहुत, ज्यादा जैसे शब्द क्रिया की मात्रा या परिमाण के बारे में बताते हैं इसलिए ऐसे शब्दों को परिमाणवाचक क्रिया विशेषण कहेंगे। 

रीति वाचक क्रिया विशेषण :- रीतिवाचक क्रिया विशेषण वैसे शब्द होते हैं जो किसी भी काम के तरीके या विधि का बोध कराएं।

उदाहरण :- 

  • मोहन ध्यान से पढ़ता है।
  • तुम हमेशा झूठ बोलते हो।
  • कछुआ धीरे धीरे चलता है।

ऊपर लिखे गए हमेशा झूठ, धीरे-धीरे, ध्यान से जैसे शब्द किसी काम के तरीके के बारे में बता रहे हैं इसलिए यह सारे शब्द रीति वाचक क्रिया विशेषण कहलाएंगे। 

रूप पर आधारित क्रिया विशेषण के कितने प्रकार के होते हैं? 

क्रिया विशेषण रूप के आधारों पर तीन तरह के होते हैं जो निम्नलिखित है –

  1. स्थानीय क्रिया विशेषण :- ऐसी शब्द जो खुद के रूप को बदले बिना किसी खास जगह पर इस्तेमाल किए जाते हैं, वैसे शब्दों को ही स्थानीय क्रिया विशेषण कहते हैं।

उदाहरण :- 

वह दौड़ कर आता है।

इस वाक्य में ‘आता है’ बिना अपने रूप का बदलाव किए अपने लिए एक खास जगह बना रहा है इसलिए यह स्थानीय क्रिया विशेषण होगा।

  1. मूल क्रिया विशेषण :- ऐसी क्रिया विशेषण शब्द जो बिना किसी प्रत्यय के बनाए जाते हैं, उसे मूल क्रिया विशेषण कहते हैं।

उदाहरण :- आज, दूर, सदा, ऊपर, पास इत्यादि।

  1. यौगिक क्रिया विशेषण :- ऐसे शब्द जो किसी पद या प्रत्यय के मेल से बनते हैं, उसे योगिक क्रिया विशेषण कहते हैं।

उदाहरण :- रातभर, प्रेमपूर्वक, जागते, चुपके इत्यादि।

Prayog ke aadhar par kriya visheshan kitne prakar ke hote hai?

क्रिया विशेषण प्रयोग के आधार पर भी तीन भागों में बंटा हुआ है जो निम्नलिखित हैं –

  1. संयोजक क्रिया विशेषण :- ऐसे क्रिया विशेषण जो किसी उपवाक्य से संबंध रखता हो, उसे संयोजक क्रिया विशेषण कहते हैं।

उदाहरण :- 

  • तुम जहां जाओगे, मैं वहीं आऊंगा।
  • वह वहां खा रहा है।
  • हम यहां खेल रहे हैं।

ऊपर लिखे वहीं, यहां जैसे शब्द किसी उपवाक्य से संबंध रख रहे हैं इसलिए ऐसे शब्दों को संयोजक क्रिया विशेषण कहते हैं।

  1. साधारण क्रिया विशेषण :- ऐसी शब्द या क्रिया विशेषण जो किसी भी वाक्य में स्वतंत्र रूप से इस्तेमाल किए जाते हैं, उसे साधारण क्रिया विशेषण कहते हैं।

उदाहरण :- 

  • अरे! तुम रुक जाओ।
  • हाय! मैं तो लुट गया।
  • ओह! तुम्हें चोट लग गई 
  1. अनुबद्ध क्रिया विशेषण :- ऐसे शब्द जो किसी भी काम को निश्चित बताने के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं, उसे अनूबद्ध क्रिया विशेषण कहते हैं।

उदाहरण :- 

  • तुम्हें कल ही आना पड़ेगा।
  • आप क्षण भर के लिए देर हो गए।

ऊपर लिखी कल ही, क्षण भर के लिए जैसे शब्द उस काम की निश्चय के बारे में बोध करा रहे हैं इसलिए यह अनुबद्घ क्रिया विशेषण कहलाएंगे। 

Kriya visheshan ko english main kya kehte hai?

दोस्तों! जैसा कि हम सभी जानते हैं कि क्रिया विशेषण दो शब्दों – क्रिया और विशेषण के मेल से बना है और वह क्रिया की विशेषता बताता है, ठीक उसी प्रकार क्रिया विशेषण की अंग्रेजी भी दो शब्दों के मेल से बनती है जिसमें एक मुख्य शब्द और दूसरा उपसर्ग की तरह इस्तेमाल किया जाता है।

क्रिया विशेषण को अंग्रेजी में Adverb कहते हैं और इस शब्द से साफ है कि यह Ad और Verb, इन दो शब्दों के मेल से बना है यानि ऐसे शब्द जो Verb यानि क्रिया से पहले आ कर उसकी विशेषता बताए।

Kriya visheshan aur visheshan main kya antar hai?

क्रिया विशेषण :- क्रिया विशेषण ऐसे शब्द होते हैं जो केवल किसी क्रिया की विशेषता बताते हैं।

उदाहरण :- तुम तेज दौड़ते हो।

विशेषण :- विशेषण ऐसे शब्दों को कहते हैं जो किसी संज्ञा और सर्वनाम की विशेषता बताती है।

उदाहरण :- वह अच्छा कलाकार है।

यह भी पढ़े

FAQs

विशेषण किन शब्दों की विशेषता बताते हैं?

क्रिया विशेषण क्रिया शब्दों की विशेषता बताते हैं।

क्रिया विशेषण का अंग्रेजी अर्थ क्या होता है?

क्रिया विशेषण का अंग्रेजी अर्थ Adverb होता है।

कौन सा क्रिया विशेषण वाक्यों के अन्य शब्द के साथ संज्ञा और सर्वनाम का संबंध बताता है?

संबंधबोधक क्रिया विशेषण वाक्यों के अन्य शब्द के साथ संज्ञा और सर्वनाम का संबंध बताता है।

क्रिया विशेषण के मुख्य रूप से कितने प्रकार हैं?

क्रिया विशेषण के मुख्य रूप से तीन प्रकार होते हैं जिसके अलग – अलग भेद हैं।

Conclusion

दोस्तों! हम उम्मीद करते हैं कि आपको kriya visheshan kise kehte hain से संबंधित यह आर्टिकल बेहद अच्छा लगा होगा। इस आर्टिकल में हमारे द्वारा बताए गए kriya visheshan के प्रकार और क्रिया विशेषण की पूरी जानकारी को आप अच्छे से समझ गए होंगे और अपनी बोलचाल में इसका इस्तेमाल सही से कर सकेंगे। 

यदि आपको हमारा क्रिया विशेषण का यह आर्टिकल पसंद आया हो तो इसे अपने दोस्तों के साथ भी जरूर साझा करें ताकि उन्हें भी क्रिया विशेषण को समझने में आसानी हो सके और अगर इस पोस्ट से जुड़े कोई प्रश्न हो तो कमेंट जरूर करे, हम जल्द से जल्द रिप्लाई करने का प्रयास करेंगे। 

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