10+ बेहतरीन Farewell Hindi Poem | विदाई समारोह पर कविता

इस पोस्ट में हम आपके साथ Farewell Poem In Hindi शेयर करने जा रहे है जिसे आप अपने Farewell में सुना सकते हो, अपने Friends के साथ शेयर कर सकते हो एवं Seniors को भी, मुझे उम्मीद है यह पोस्ट आपको जरूर पसंद आएगा।

हम सभी का अपने काम के प्रति, अपने पढाई के प्रति और अपने दोस्तों के लिए प्यार में कुछ यादे होती है जिसे हम और आप शब्दों में नहीं सुना सकते और यह जब हम स्कूल, कालेज, इंस्टीट्यूट, या किसी ऑफिस से हमारा समय ख़त्म हो जाता है और 

जब हम बिदाई ले रहे होते हो उस समय सभी को छोड़ कर जाने का मन नहीं करता बहुत से यादे भी होती है उनके साथ और भी कई सारे चीज़े। इसी दिन हमारे लिए Farewell Party का आयोजन किया जाता है जिसमे दोस्तों , Seniors और शिक्षक हमारे फ्यूचर के लिए विश करते है और छोटा सा कार्यक्रम भी आयोजित करते है। 

इस पोस्ट में हमने आपके लिए कुछ बेहतरीन Farewell Poem In Hindi For Friends और For Seniors है जिसे आप बिदाई समारोह में सुना कर पुराने यादे ताज़ा कर सकते हो एवं  उन्हें विश भी। 

Farewell Hindi Poems

Farewell Poem In Hindi

वैसे तो आप अपने फीलिंग को शब्दों में बयां नहीं कर सकते है क्योंकि कुछ यादें कमाल की होती है जिसे भूल पाना संभव नहीं होता है चाहे वो दोस्तों के साथ हो, Seniors के प्रति या अपने ऑफिस के दोस्तों के। 

चलिए जानते है इन Farewell Party Poem in Hindi को जैसे प्रसिद्ध लेखकों द्वारा लिखा गया है, मुझे उम्मीद है आपको kavitayen जरूर पसंद आएगी। 

Poem On Farewell In Hindi

ये सभी कविताये हमने इंटरनेट पर से एवं सोशल साइट से कलेक्ट की है ये हमारे द्वारा लिखी गयी नहीं है इन कविताओं को कवियों के द्वारा लिखा गया है इसलिए मै आभारी हु उन सभी कवियों के लिए जिन्होंने बेहतरीन कविताओं को लिखा है।

नए रास्ते खोजने को

नए रास्ते खोजने को,

कुछ नया कर दिखाने को,

मंजिलों को अपना बनाने को,

थोड़े से नादान थोड़े से समझदार,

परिंदे आज उड़ चले।

मिल बांट कर जो खुशियां मनाते थे,

चुपके से हमारा की टिफिन खा जाते थे,

वो हमको बहुत सताते थे,

वो हर चीज पर अपना हक जमाते थे।

पर बात जब दूसरे स्कूल के बच्चों,

के साथ कॉन्पिटिशन की होती थी,

तब वो हमारे साथ हमेशा खड़े नजर आते थे,

वो हमसे प्यार तो करते पर जताते कम ही थे।

वो आपका डांटना, प्यार से समझाना,

टीचर्स डे वाले दिन टीचर बनकर पढ़ाना,

वो स्कूल टीचर्स के नए-नए नाम हमें बताना,

बहुत याद आएगा।

आप सबका प्यार भरा साथ,

वो साथ बिताए हुए पल,

खट्टी मीठी सी यादें,

बहुत याद आएंगी।

आज आंखों में आंसू तो है,

पर खुशी भी उतनी ही है,

क्योंकि आज हम भी

जूनियर से सीनियर हो जाएंगे।

स्कूल से तो विदा हो रहे हो आज,

पर हमारे दिलों से नहीं आते जाते मिलते जाना,

गुरुजी की डांट खाते जाना,

फिर से ये स्कूल के दिन जीते जाना।

~ नरेन्द्र वर्मा

आपके साथ बिताया हर एक लम्हा

आपके साथ बिताया हर एक लम्हा है यादगार

जो भी पल गुज़ारे आपके साथ वो सब बीते शानदार

आपकी हर एक याद को ताउम्र संजोकर रखेंगे हम

याद जब भी आएगी आपकी तो आँखें हो जाएँगी नम

अगर कभी अनजाने में हुई हो हमसे कोई गलती

तो कर देना हमको माफ़

बस दिल से भुला देना हर एक कड़वी बात

हम सब करेंगे आपको तहे दिल से याद

क्यूंकि आप हो हमारे लिए बेहद ख़ास

बस यूँही बनाये रखियेगा आप अपनी मिठास

हमको हमेशा रखना अपने दिल के पास

अब बस यही है शुभकामना हमारी

आपकी खुशियाँ बदस्तूर रहे हमेशा ज़ारी

कोई भी गम आपको छूने ना पाए

ज़िन्दगी आपकी फूलों की तरह महकती चली जाए

खुशियाँ आपके कदमों को छूती रहे बार-बार

आपकी ज़िन्दगी में आती रहे खुशियों की बौछार

भले ही यहाँ से जा रहे हैं आप लेकिन

अपने दिल से हमें कभी ना भुलाना

हो सके तो कभी हमसे मिलने भी चले आना

जब भी आये याद हमारी तो फ़ोन पर हमारा नंबर घुमाना

और इसी तरह हमेशा आप खिलखिलाना |

चलो अब जा रहे हो तो

चलो अब जा रहे हो तो

सुनाएं तान इस मन की

चलो अब बात करते है

छोड़के साथ बिछडन की

मुलाकातों के ये मेले

न शायद फिर कभी होंगे

जो धागे मोह के बांधे थे

खुद हाथों से खोलेंगे.

न रोएगे यहाँ कोई

किन्तु हंस भी न पाएगे

जो काटे पल सभी के संग

इन्हें कैसे भुलाएगे

हेल्लो हे हाय गुडलक गॉड ब्लेस यू

कह नहीं सकता

मेरे लहजे में हिंदी के सिवाय

कुछ हो नहीं सकता

सितारे हमने पहने थे

किसी को चांद बोला था

तुम्हे उड़ना सिखाया है तो

उड़कर भी दिखा देना

बुलंदी तक है पहुंचना आसमा को भी छू लेना

कहेगे गर्व से हम भी हमारे अंश ही है ये

चुगाए थे जिनको मोती

वो तिरते हंस ही है ये

दुआएं है हमारी कि

खुदा सबको सुखी रखे

हमारा क्या आज है कल पता

क्या है कहाँ रखे |

~ सत्यम शुक्ला

हमारे विद्यालय के आँगन में

हमारे विद्यालय के आँगन में

खिलता हुआ गुलाब हो आप

हमारे अंधियारे जीवन में

ज्ञान का दीपक हो आप ।

हम सब बच्चे थे नादान

पढ़ने में नहीं था ध्यान

हमारी भूलो को माफ करके

दे दिया विद्या का ज्ञान ।

अपनी अनमोल शिक्षा को

खेल खेल से हमें सिखाया ।

संस्कारों का पाठ पढ़ाया ।

सही गलत का ज्ञान कराया ।

हमारे निराश हारे मन में

आत्मविश्वास जगा दिया

मंजिल तक पहुंचाने का

रास्ता हमें दिखा दिया ।

टीचर जी हमारे आँगन को

छोड़कर जा रहे हो आप

जीवन में सदा खुश रहो

यही है हमारी प्रभू से आस

अपनी खुशबू से महकातो रहो

सबकी बगिया को आप ।

शिक्षक हैं समाज

शिक्षक हैं समाज, सभ्यता, संस्कृति के रक्षक

शिक्षक हैं समाज, सभ्यता, संस्कृति के रक्षक

जीवन के अनजानी राहों के पथप्रदर्शक

अनमोल है इनकी कही हर वाणी

भेदभाव की नीति इन्होंने कभी ना जानी

अपने अनुभवों से नीति-न्याय की बातें सिखाते

अनुशासन का पालन करवाते

दृढ़-निश्चयी बनाते

सफलता के लिए प्रेरित करते

भटके को राह दिखाते

नसीब पर नहीं, कर्म पर भरोसा करना सिखाते

लेकर परिक्षाएँ कड़ी घड़ी-घड़ी

परिचय हमारा खुद से ये करवाते

अज्ञान दूर कर ज्ञान की ज्योत जलाते…

अपनी विद्या का करके दान…

मानवता का करते ये कल्याण

कर्त्तव्यनिष्ठ शिक्षक होते हैं

स्वयं ईश्वर के समान

शिक्षा है जिनका धर्म-ईमान

शिक्षित हो समाज है इनका गान

आये संग बहार लिये

आये संग बहार लिये, जा रहे उसे ले साथ कहाँ?

पूछ रहा यह चमन ‘तरुण’ बोलो मेरा गुलजार कहाँ?

बेलि लगायी शिक्षा की सींचे इसको श्रम जल से तुम,

पनपी हरियाली ले फूली खुशबू भी दे जाते तुम।

आया था उल्लास नया, चेतना नयी लहरायी जो,

गम जड़ता का भार दिये जा रही थी दिल बहलाती जो।

उगे ‘अरुण’ जो विभा ‘तरुण’ से ले प्रकाश फैलाने को,

दूर हुए जाते क्यों फैलाते तुम पुंज पहारों को।

दीप जलाये शिक्षक उर में आशा के, नवजीवन के,

सेवा निवृति के विरह झकोरे पवन चले उत्पीड़ण के।

गाऊँ क्या दिल उमग न पाता प्यारे जीना सुख पाना,

नेह-लता मुरझा नहीं जाये सिंचन सुधि लेते रहना।

~ जनार्दन राय

वो चलती क्लास में टिफिन खाना

वो चलती क्लास में टिफिन खाना,

वो होम वर्क न करने पर सर दर्द का बहाना,

वो जानबूझकर स्कूल लेट आना,

और लंच ब्रेक में बहुत धूम मचाना,

कभी नही भुलेंगूंगा स्कूल आना-जाना।।

वो प्रिंसिपल मेम के विचार,

वो शिक्षकों का सदाचार,

वो कुछ न पढ़ने वाले बच्चे लाचार,

और लंच में लाया हुआ अचार,

कभी न भूलूंगा मै प्यारे शिक्षकों के उच्च विचार।।

वो किसी टीचर के न आने पर मस्तीभरी क्लास,

वो अनूअल फंक्शन की रात,

वो दोस्तो की सीक्रेट बात ,

और वो दोस्तो से पहली मुलाकात,

कभी न भूलूंगा मैं स्कूल की हर एक बात।।

वो रूठे दोस्तो को मनाना,वो रोते दोस्तो को हसाना,

वो जबरदस्ती दोस्तो का नाम फसाना,

और नई घड़ी दोस्तो को दिखाना,

कभी न भूलूंगा में दोस्तो को अपना टिफिन खिलाना।।

वो मैथ्स टीचर की मार,

वो इंग्लिश टीचर का प्यार,

वो हिंदी टीचर की कहनी,

वो हिस्ट्री टीचर की बात पुरानी

कभी न भूलूंगा मैं ये स्कूल,चाहे हो जाये जिंदगी से रवानी।।

~ रूपेश सोनी

कृष्ण-मंदिर में प्यारे बंधु

कृष्ण-मंदिर में प्यारे बंधु

पधारो निर्भयता के साथ।

तुम्हारे मस्तक पर हो सदा

कृष्ण का वह शुभचिंतक हाथ।।

तुम्हारी दृढ़ता से जग पड़े

देश का सोया हुआ समाज।

तुम्हारी भव्य मूर्ति से मिले

शक्ति वह विकट त्याग की आज।।

तुम्हारे दुख की घड़ियाँ बनें

दिलाने वाली हमें स्वराज्य।

हमारे हृदय बनें बलवान

तुम्हारी त्याग मूर्ति में आज।।

तुम्हारे देश-बंधु यदि कभी

डरें, कायर हो पीछे हटें,

बंधु! दो बहनों को वरदान

युद्ध में वे निर्भय मर मिटें।।

हजारों हृदय बिदा दे रहे,

उन्हें संदेशा दो बस एक।

कटें तीसों करोड़ ये शीश,

न तजना तुम स्वराज्य की टेक।।

~ सुभद्राकुमारी चौहान

अपने छात्रों की विदाई पर

एक बच्चे की तरह प्यार से पाला है तुम्हें

अपने हाथों के सहारों से सँभाला है तुम्हें

बाप के दिल की तरह हमने जिगर फैलाकर

हमने मारा भी, मारा है मगर सहलाकर।

आज उस प्यार को किस तौर विदाई दे दूँ

भर के वरदान में सारी ही पढ़ाई दे दूँ

काश कुछ ऐसा हुनर मेरी जुबाँ में होता

स्वर्ग का भूमि से होता नहीं है समझौता।

हम मुसाफिर की तरह आके चले जाते हैं

फूल-सा खिलके बहारों में बिखर जाते हैं

गन्ध अपनी तुम्हें देते हैं बहुत ख़ुश होकर

और हम ख़ुश हैं ये ख़ुशबू को बीज-सा बोकर।

तुम इसे अपने पसीने से सींचना, बोना

और फिर देश के आँगन में सुर्ख़रू होना

ज्ञान की गन्ध पसीने में मुस्कराती है

यह खिज़ाओं के बग़ीचों में लहलहाती है।

तुम भी इस देश के आँगन में जगमगाओगे

हमको उम्मीद, सितारों से चमचमाओगे

रात को दीप, सुबह आफ़ताब बन जाओ

हर मुसीबत में चट्टानों की तरह तन जाओ।

ज़िन्दगी नींद से पहले का नाम है गोया

भिड़ना तूफ़ान से वीरों का काम है गोया

इम्तहाँ कुछ नहीं तूफ़ान का छोटा भाई

तोड़ दो इसकी नसें ले के एक अँगड़ाई।

~ महेश उपाध्याय

विदाई 

तुम सोचते हो अपने

उदित होते हुए दिन को

तैरते हो कठिनाई से

घण्टों पानी में

रात

ध्यान रखती है तुम्हारा

रात-भर

नींद में चलती हुई साँसों में

तुम ध्यान नहीं देते

कि तुम विदा हो रहे हो।।

~ रोज़ा आउसलेण्डर

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Final thought 

इस पोस्ट में हमने आपके साथ 10+ बेहतरीन Farewell Hindi Poem [विदाई समारोह पर कविता] शेयर की है जिसे आप farewell में विश करने के लिए इस्तेमाल कर सकते है यह सभी काफी अच्छे कविताएं है, मुझे उम्मीद है आपको यह जरूर पसंद आये होंगे। 

इस पोस्ट से जुड़े कोई प्रश्न या सुझाव है तो कमेंट जरूर एवं अगर यह पोस्ट आपको पसंद आयी हो तो दोस्तों के साथ सोशल मीडिया पर शेयर जरूर करे। 

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