boli kya hai
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बोली किसे कहते हैं (परिभाषा, प्रकार, बोलियां, भाषा और बोली में अंतर)

Last Updated on 23 November 2022 by admin

आज के इस लेख में हम आपके साथ व्याकरण संबंधी विशेष जानकारी लेकर आये है जिसमे boli kya hai और bhasha aur boli mein antar एवं इससे जुड़ी अन्य जानकारिया आपके साथ शेयर करने वाले है तो यदि आप बोली से जुड़े जानना चाहते हो तो यह पोस्ट आपके लिए है। 

सभी भाषाओं का जन्म बोली से होता है जब बोली अपने भावों को समझा पाती है, तो उसे भाषा कहा जाता है। कोई भी बोली हमारे लिए तब महत्व रखती है जब उसका स्थान साहित्य में, सामाजिक व्यवहार में या शिक्षा में उपयोग हो। 

कई सारी बोलियां मिलकर एक भाषा को उत्पन्न करती है तो चलिए बिना देर किए जानते हैं बोली के बारे में संपूर्ण जानकारी।

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बोली किसे कहते हैं? (Boli kise kahte hain?)

किसी भी छोटे से क्षेत्र में बोले जाने वाले भाषा को हम बोली कहते हैं। बोली कि कोई भी साहित्य रचना नहीं होती है बोली किसी भी भाषा में बोली जा सकती है। 

हमारे भारत देश में विभिन्न प्रकार के लोग पाए जाते हैं जिनकी अपनी अपनी जुबानी भाषा होती है और हमारे भारत देश में लगभग 650 बोलियां पाई जाती है जिनमें से सबसे प्रमुख बोली हिंदी मानी जाती है। 

हिंदी हमारे भारत देश की राष्ट्रीय भाषा है लेकिन यह बहुत कम लोगों को पता है कि हिंदी भाषा के अंतर्गत विभिन्न प्रकार के भाषाएं आती है। भारत के विभिन्न स्थानों पर हिंदी के कई प्रकार वाले भाषाएं बोली जाती है जैसे -अवधी, भोजपुरी, मारवाड़ी, मगधी इत्यादि ।

बोली कितने तरह की होती है?

बोली मुख्य रूप से दो प्रकार की होती है-

• क्षेत्रीय बोली

• सामाजिक बोली

क्षेत्रीय बोली :-  यदि हम बात करें पड़ोसी स्थानीय बोलियों की तो किसी भी एक स्थान की भाषा दूसरे स्थान की भाषा से कहीं न कहीं भिन्न होती हैउनमें एक छोटा सा अंतर तो पाया जाता ही है और वहीं यदि हम एक निश्चित दूरी पर स्थित दो अलग-अलग स्थानों के बोलियों की तुलना करें तो उसमें मतभेद दिखने लगता है। 

इस प्रकार हम देख सकते हैं कि एक-एक स्थान करके बोलियों में अंतर बढ़ने लगता है और एक समय ऐसा आ जाता है जब दो स्थानों के बीच की मुख्य भाषा बिल्कुल असमान हो जाती है इसे ही क्षेत्रीय भाषा के रूप में जाना जाता है।

सामाजिक बोली :- सामाजिक बोली की बात करें तो यह भाषा के एक सामाजिक समूह के रूप में जानी जाती है हमारी शिक्षा अथवा व्यवसाय आदि से संबंधित कई कार्य ऐसे होते हैं, जिससे सामाजिक भिन्नता के कारण बोली में भी बदलाव आते हैं और इससे सामाजिक बोली का निर्माण होता है। अंग्रेजी भाषा में इसे Sociolect के नाम से भी जाना जाता है।

हिंदी भाषा में बोली कितनी तरह की होती है?

बता दें कि हिंदी भाषा में कुल 18 बोलियां होती है और यदि बात करें हिंदी भाषा में बोलियों के प्रकार की तो इसकी जानकारी निम्नलिखित रुप से दी जा सकती है –

• पश्चिम हिंदी – हिंदी भाषा के भीतर 6 बोलियां आती हैं जैसे- ब्रज बोली,  बुंदेली बोली, कनौजी बोली, हरियाणवी बोली, कौरवी बोली और दक्खिनी बोली।

• बिहारी हिंदी – इनके अंदर 3 बोलियां आती है जैसे- अवधि, बघेली, छत्तीसगढ़ी।

• राजस्थानी हिंदी – इस भाषा के अंदर लगभग 4 प्रकार की बोलियां होती है: मालवी बोली, मालवाड़ी बोली, मेवाती बोली और जयपुरी बोली।

• पहाड़ी हिंदी – पहाड़ी हिंदी में 2 बोलियां आती है: गढ़वाली बोली और कुमाऊनी बोली। 

भारत देश के कुछ महत्वपूर्ण बोलियो के परिचय :-

 भारत में कई बोलियां बोली जाती है जिनकी परिचय कुछ इस तरह से है-

• अवधी बोली :– हिंदी भाषा के उपभाषा के रूप में अवधी भाषा को जाना जाता है इस भाषा को यूपी के अवध क्षेत्रों जैसे सीतापुर, लखनऊ, सुल्तानपुर, रायबरेली, अयोध्या, प्रयागराज, कौशांबी और प्रतापगढ़ आदि जगहों में बोली के रूप में प्रयोग किया जाता है। अयोध्या राज्य से अवध शब्द की उत्पत्ति हुई है। तुलसीदास द्वारा लिखी गई महान कृति रामचरितमानस अवधी भाषा में हैं।

• खड़ी बोली :- खड़ी बोली जिसे हम देहलवी, कौरव और वर्नाक्यूलर हिंदुस्तानी के नाम से भी जानते है। वह एक पश्चिम की हिंदी बोली है और यह ज्यादातर दिल्ली के स्थानों पर, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जगहों पर और भारत के उत्तराखंड के दक्षिण के स्थानों में बोली जाती है। इसे हम खड़ी बोली के नाम से भी जानते है खड़ी बोली हिंदुस्तान की प्रतिष्ठित बोलियों में से एक है।

• भोजपुरी :- भोजपुरी भाषा भारत में लगभग 37.8 मिलियन लोगों के द्वारा बोली जाने वाली भाषा है यह ज्यादातर बिहार के पश्चिम भागो, उत्तर प्रदेश राज्य के पूर्वी हिस्से और मध्य प्रदेश के कुछ आसपास के स्थानों में इस बोली को बोला जाता है। 

वर्तमान समय में यह एक अधिकारी भाषा नहीं था लेकिन भारत की सरकार इसकी स्थिति को राष्ट्रीय अनुसूचित भाषा में परिवर्तित करने पर विचार कर रही है। वर्तमान की स्थिति को देखने के बाद भी भोजपुरी भाषा का उपयोग सरकार और जनसंचार माध्यमों में किया जाता है।

• कन्नौजी बोली :– कन्नौजी इंडो आर्यन भाषा परिवार के पश्चिम हिंदी भाषा समूह के सदस्य हैं। यह भाषा ज्यादातर उत्तर भारत के उत्तर प्रदेश के कन्नौज नामक जिले में और औरैया, इटावा, फर्रुखाबाद के अलावा हरदोई,  कानपुर,  पीलीभीत, मैनपुरी और शाहजहांपुरी इन सभी जिलों में बोली जाने वाली भाषाएं है। 

शहर के क्षेत्रों में कनौजी बोलने वाले लोग हिंदी भाषा की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं। कन्नौजी भाषा को विभिन्न प्रकार के नामों से जाना जाता है जैसे- भाखा, ब्रज, ब्रज कन्नौजी, देहाती, हिंदी या कनौजी इत्यादि। बोलियां में कन्नौजी पूरी तरह से तिहारी और ट्रेडिशनल कनौजी शामिल है कन्नौजी नाम का उपयोग मुख्य विद्वान द्वारा किया जाता है।

• बुंदेली :- मध्य भारत के बुंदेलखंड में विशेष रुप से यह भाषा बोली जाती है इस भाषा का संबंध मध्य इंडो आर्यन से हैं। बंगला और मैथिली शब्दों को जानने वाले लोग आसानी से इस भाषा को समझ सकते हैं। 

• बघेली बोली:- बघेली बोली मध्य भारत के बघेलखंड स्थान की भाषा है जिसे हिंदी भाषा की प्रसिद्ध बोली मानी जाती है और साथ ही इसे भारतीय जनगणना रिपोर्ट (1991) अनुसार वर्गीकृत भी किया गया है। 

बघेली मुख्य रूप से मध्यप्रदेश के 6 जिलों जैसे- रीवा, सतना, सीधी के साथ साथ शहडोल, उमरिया और अनूपपुर में भी बोले जाते हैं इसके अलावा इलाहाबाद और मिर्जापुर जैसे कुछ इलाकों में भी इस भाषा को बोली जाती है।

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भाषा और बोली में अंतर क्या है? (Bhasha aur boli main antar kya hai?)

बहुत से लोगों को भाषा और बोली दोनों एक समान लगती है लेकिन ऐसा नहीं होता है भाषा और बोली दोनों एक दूसरे के विपरीत होती है- 

• भाषा में व्याकरण पाई जाती है लेकिन बोली में व्याकरण नहीं पाई जाती।

• भाषा बहुत सारी नियमों के द्वारा बोली जाती है लेकिन बोली में ऐसा कुछ नहीं होता है।

• भाषा की गिनती विस्तृत में होती है लेकिन बोली अपने-अपने क्षेत्रों के अनुसार बोली जाती है।

• किसी भी भाषा की अपनी एक लिपि होती है लेकिन बोली कि अपनी कोई लिपि नहीं होती है।

• भाषा का एक क्षेत्र व्यापक होता है किंतु बोली का क्षेत्र सीमित होता है।

• एक भाषा के अंतर्गत कई सारी बोलियां बोली जाती है लेकिन बोली अकेले होती है। 

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Conclusion

आपने इस लेख में जाना कि बोली किसे कहते हैं? (Boli kise kahte hain?), भाषा और बोली में अंतर क्या है? (Bhasha aur boli mein antar kya hai?) तथा हिंदी भाषा में बोली के भेद आदि के बारे में, मुझे उम्मीद है आपको यह जानकारी पसंद आयी होगी एवं आपके लिए उपयोगी रही होगी। 

व्याकरण संबंधी किसी भी तरह के प्रश्नों अथवा जानकारी के लिए आप हमें कमेंट बॉक्स में कमेंट कर सकते हैं और यदि आपको यह पोस्ट उपयोगी लगी हो तो इसे अपने दोस्तों के साथ भी जरूर शेयर करें। 

Originally posted 2022-08-15 23:00:17.

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